जमीनी स्तर की महिला आगेवानों के लिए यह फेलोशिप, सहकारी मंडलियों और सामूहिक संगठनों की निर्वाचित महिला आगेवानों को एक साथ लाती है ताकि वे समय के साथ अपने उद्यमों के संचालन और नेतृत्व को और मजबूत कर सकें।
आवासीय सीखने की यात्रा के रूप में तैयार की गई यह फेलोशिप महिलाओं को अपनी रोज़मर्रा की जिम्मेदारियों से थोड़ा अलग होकर निर्णय-निर्माण, योजना और सामूहिक नेतृत्व पर ध्यान देने का अवसर देती है।
सितंबर 2024 में शुरू किए गए पहले समूह में कृषि, हस्तशिल्प, बचत एवं ऋण और देखभाल कार्य जैसे विभिन्न क्षेत्रों की आठ संस्थाओं से 16 महिलाएं शामिल हुईं। जिनमें से अधिकांश के लिए यह पहली बार था जब वे अपने जिलों से बाहर स्वतंत्र रूप से यात्रा कर रही थीं।
प्रतिभागी उन प्रश्नों पर काम करती हैं जिनका सामना वे पहले से अपनी सहकारी मंडलियों में कर रही होती हैं वित्तीय निर्णय कैसे लिए जाएँ अन्य बोर्ड सदस्यों के साथ कैसे काम किया जाए विकास की योजना कैसे बनाई जाए और अपनी मंडलियों में अगली पीढ़ी की आगेवानों को कैसे तैयार किया जाए।
“यदि वर्तमान नेतृत्व सही ढंग से काम नहीं कर रहा है, तो दूसरी पंक्ति के आगेवानो को तैयार करना मेरी जिम्मेदारी है। हमें सामूहिक रूप से आगे बढ़ना होगा।” — सोनलबेन, श्री महिला विकास हस्तकला सहकारी मंडली
सीखने की प्रक्रिया वर्कशॉप, सहकर्मी-शिक्षण, अनुभवों पर आधारित चिंतन और विभिन्न राज्यों की सहकारी मंडलियों के अध्ययन दौरों के माध्यम से आगे बढ़ती है। समय के साथ यह प्रक्रिया केवल व्यक्तिगत नेतृत्व ही नहीं, बल्कि पूरी सहकारी मंडली के संचालन को मजबूत करती है।
अगले समूहों का आयोजन भारत के अन्य राज्यों में भी किया जा रहा है।